बिलाईगढ़ – छत्तीसगढ़ के 32 जिला में पंचायत सचिव संगठन अपनी एक सूत्रीय मांग परिवीक्षा अवधि पश्चात शासकीय करण को लेकर ब्लॉक मुख्यालय से जिला मुख्यालय में विशाल बाइक रैली निकालकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया ।विगत 16 मार्च से ब्लॉक मुख्यालय में काम बंद कलम बंद हड़ताल पर बैठे हुए हैं । हड़ताल का 28दिन पूर्ण होने के बाद भी शासन प्रशासन द्वारा वार्तालाप नहीं करने के कारण सचिवों में रोष व्याप्त है , पंचायत सचिव के हड़ताल में चले जाने से शासन की महत्वकांक्षी योजना सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण, बेरोजगारी भत्ता फार्म ,राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन मजदूर न्याय योजना ,किसान न्याय योजना ,गोबर खरीदी, रिपा कार्य, गौठान के समस्त कार्य ,मनरेगा के कार्य ,जन्म मृत्यु पंजीयन ,राशन कार्ड ,प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास, सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत वृद्धा पेंशन ,विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन ,सुखद सहारा पेंशन, मुख्यमंत्री पेंशन ,राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना ,श्रद्धांजलि योजना, पेयजल आपूर्ति,शौचालय निर्माण ,वन अधिकार पट्टा वितरण ,स्वामित्व योजना सर्वेक्षण ,ग्राम सभा ,बजट निर्माण, समस्त निर्माण कार्य एवं वित्तीय वर्ष के अंतिम होने से लेखा-जोखा के कार्य पूर्ण रूप से प्रभावित है ।
बिलाईगढ़ – छत्तीसगढ़ के 32 जिला में पंचायत सचिव संगठन अपनी एक सूत्रीय मांग परिवीक्षा अवधि पश्चात शासकीय करण को लेकर ब्लॉक मुख्यालय से जिला मुख्यालय में विशाल बाइक रैली निकालकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया ।विगत 16 मार्च से ब्लॉक मुख्यालय में काम बंद कलम बंद हड़ताल पर बैठे हुए हैं । हड़ताल का 28दिन पूर्ण होने के बाद भी शासन प्रशासन द्वारा वार्तालाप नहीं करने के कारण सचिवों में रोष व्याप्त है , पंचायत सचिव के हड़ताल में चले जाने से शासन की महत्वकांक्षी योजना सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण, बेरोजगारी भत्ता फार्म ,राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन मजदूर न्याय योजना ,किसान न्याय योजना ,गोबर खरीदी, रिपा कार्य, गौठान के समस्त कार्य ,मनरेगा के कार्य ,जन्म मृत्यु पंजीयन ,राशन कार्ड ,प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास, सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत वृद्धा पेंशन ,विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन ,सुखद सहारा पेंशन, मुख्यमंत्री पेंशन ,राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना ,श्रद्धांजलि योजना, पेयजल आपूर्ति,शौचालय निर्माण ,वन अधिकार पट्टा वितरण ,स्वामित्व योजना सर्वेक्षण ,ग्राम सभा ,बजट निर्माण, समस्त निर्माण कार्य एवं वित्तीय वर्ष के अंतिम होने से लेखा-जोखा के कार्य पूर्ण रूप से प्रभावित है ।


