बिलाईगढ़ – कोटवार एशोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ संघ बिलाईगढ़ व भटगांव ने बताया की प्रदेश की कांग्रेस ने सरकार ने अपने घोषणा पत्र में कोटवारों को नियमित करने की बात कही थी। कोटवार संघ ने बस्तर में 3 साल पहले पाटन में कोटवारों ने एक सम्मेलन आयोजित किया था। कोटवार संघ ने आरोप लगाया कि 3 साल हो जाने के बाद भी आज तक कोटवारों की मांग पूरी नहीं हुई।
मांग जल्द पूरी नहीं तो, उग्र आंदोलन करेंगे
कोटवार बिलाईगढ़ संघ के अध्यक्ष छतराम चौहान ने बताया कि “प्रत्येक ग्राम पंचायतों में कोटवारों की नियुक्ति के समय मालगुजारी के लिए उन्हें सन 1950 जमीन उपलब्ध कराया गया था और उस जमीन को भी अभी नए कोटवारों की नियुक्ति होने पर वापस लिया जा रहा है। जिससे पहले के कोटवार और उनका परिवार से जमीन छीना जा रहा है। जिनको लेकर कोटवार संघ लगातार प्रदेश सरकार से मांग कर रही लेकिन उनकी मांगों को छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार अनदेखी कर रही है। इसके अलावा यह भी कहा कि चुनाव के 1 वर्ष बचे हुए हैं। यदि कांग्रेस सरकार इनकी मांग जल्द पूरी नहीं करती हैं। तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
कोटवारों की नियुक्ति में भी धांधली की जा रही
कोटवार भटगांव संघ के अध्यक्ष मंथिर दास मानिकपुरी ने बताया कि “जब उन्होंने पाटन में कोटवार सम्मेलन रखा था। सम्मेलन में उपस्थित होकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि कांग्रेस सरकार के राजस्व मंत्री के समय आप को पट्टा दिया गया है और भूमिस्वामी बनाया गया है। अभी जमीन आपसे वापस ली जा रही है। उस जमीन को वापस नहीं लिया जाएगा। लेकिन 3 वर्ष बीतने के बाद भी उनकी मांग पूरी नहीं इसके अलावा कोटवारों की नियुक्ति में भी धांधली की जा रही है।
यह है कोटवारों की प्रमुख मांगें
प्रदेश के सभी कोटवारों को शासकीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, मालगुजारी के लिए कोटवारों को मिला जमीन उनसे छीना नहीं जाए।
प्रदर्शन रैली में रहे उपस्थित
कोटवार बिलाईगढ़ संघ के अध्यक्ष छतराम चौहान, कोटवार भटगांव संघ के अध्यक्ष मंथिर दास मानिकपुरी,
सचिव संतदास मानिकपुरी, कोषाध्यक्ष मंगल दास मानिकपुरी, महामंत्री कृष्ण दास मानिकपुरी, संरक्षक शंकर दास मानिकपुरी, गणेश दास, चक्रधर चौहान, ज्योति राम बाई, पन्ना लाल, झीतू आदि सहित बिलाईगढ़ भटगांव कोटवार संघ कार्यकर्ता मौजूद रहे।
